मनीष कश्यप जाएंगे जेल ?

  मनीष कश्यप जाएंगे जेल ? 




क्या मनीष कश्यप होंगे गिरफ्तार ? 
क्या मनीष कश्यप जेल जाएंगे?

क्या मनीष कश्यप को जेल भेजने की साजिस हो रही है ?

क्या ये नेताओं की साजिस है 
क्या नेताओं ने मनीष कश्यप को बलि का बकरा बनाया है ? 


तो आइए जानते हैं की मनीष कश्यप के बारे में ?


मनीष कश्यप यूटूबर पत्रकार हैं  जो  SACH TAK NEWS चलाते है ? वो एक ऐसा पत्रकार है , जो निडरता से न्यूज़ कवर करता है ? वो एक ऐसा पत्रकार है, जो रोजगार की बात करता है ? वो विश्वविद्यालय की बात करता है , वो एक ऐसा पत्रकार है जो हर एक मुद्दे को उठाता  है , और यही चीज नेताओं को बड़े बड़े अधिकारी को खटकने लगी है ? नेताओं को अब लग रहा है कि अगर अब सचाई सामने आ जाएगा तो हमारा दूकान बंद हो जाएगा

      तमिलनाडु मामला तो एक वहाना है 


अभी वर्तमान में तमिलनाडु मामले में उस पर कई एफआईआर हुई हैं, इससे पहले भी मनीष कश्यप पर कुछ एफआईआर हुई हैं |

और अब उस पर गिरफ्तारी की तलबार लटकी हुई है? अब उन्हें जेल जाने से कोई रोक नहीं सकता है | मनीष कश्यप के  सभी बैंक एकाउंट को फ्रीज कर दिया गया है |
 आखिर  जानिए मनीष कश्यप को अपराधी कौन बनाया  है 
इसका  जबाब होगा हम और आप ? 
क्योंकि उन्होंने हमलोगो के लिए ही आवाज उठाई है ?

जहां कोई नहीं जाता वहां मनीष कश्यप निस्वार्थ भाव से जाता है ? न्यूज दिखाता है ? 

 बड़े बड़े मिडिया हॉउस  जो बहुत से चीजों के बारे में जानता तक नहीं ? जो मजदूरों  के बारे में कभी बात तक नहीं करता ?
  मनीष  कश्यप ने उन मुद्दों को उठाने का प्रयास किया है ?
तमिलनाडु के मुद्दों पर सबसे पहले कई  मिडिया हाउस ने  ख़बरों को दिखाया गया है| कई नेताओं ने ट्वीट भी किया, विधान सभा में वबाल भी हुआ? लेकिन उन सभी पर कोई कार्बाई नहीं होती है |
लेकिन कार्बनाइ होती है मनीष कश्यप पर ? ये टारगेट  नहीं है तो क्या है ?  
तमिलनाडु मामला तो एक वहाना है उस पर कार्बाइ का स्क्रिप्ट मुझे लगता है पहले ही लिखी जा चुकी होगी  क्योंकि जिस तरीके से मनीष कश्यप पत्रकारिता करते है वो तरीका चाहे कुछ भी हो लेकिन जनता की आवाज बने है  | युवाओं की आवाज वने है |यही नहीं उन्होंने ने हर विभाग की कमियों को उजागर करने का प्रयास  किया है | और यही चीज सरकार  और सरकारी तंत्र को पसंद नहीं था | उन तमाम अधिकारीओ के नजर में बने हुए था |  उन्हें उस समय कोई वहाना नहीं था लेकिन अब वहाना मिल गया है | इसलिए इतना तेजी से कार्बाइ हुआ |  जीवन में मैं पहली बार देख रहा हूँ की इतना तेजी से कार्बाइ तो एक रेपिस्ट के ऊपर भी नहीं हुआ होगा , खैर ये सब चीजों की फैसला अब अदालत में ही होगा |  अब अदालत ही फैसला करेगा की मनीष कश्यप कितना दोषी है और अदालत ,कानून जा सभी को सम्मान भी करनी चाहिए क्योंकि ये एक लोकतंत्र की खूबसूरती भी है | ये निश्चित है की परेशान और आवाज को बन्द करने का जबरदस्ती प्रयास है क्योंकि एक आम पब्लिक भी किसी के ऊपर झूठा मुकदमा भी कर देता तो भी उसे साबित करने में सालो लग जाता है और  ये तो मुकदमा करने वाला भी सरकार है जाँच करने वाला भी सरकार है तो निश्चित है की मनीष कश्यप को जेल जाना तय है इसमें कोई दोराय नहीं है  | 

इसमें सिर्फ नेताओं ही दोषी नहीं है ? 

 इसमें हम सब दोषी है ?

हमारा  सिष्टम भी दोषी है ? 

हम युवा जब नौकरी की तैयारी करते करते है तो ,

  हमारा मकसद होता है की किसी तरह से एक कोई नौकरी मिल जाए , और जब नौकरी मिल जाता है  , तो फिर सभी चीजों को भूल जाते है तथा  नेताओं की गुलामी , करने लगते है  ? 
और सरकारी तंत्र का दुरूपयोग करने लगते है ?  इसी का परिणाम है की मनीष कश्यप आज एक अपराधी बन गया है |ऐसे देखा जाए तो हम सब अपराधी है क्योंकि जब हमलोग सरकार से अपनी हक़ मांगने जाते है तो सरकार हमें ऐसे ही नहीं दे देता है हमें आंदोलन , धरना प्रदर्शन करते है  , धरना प्रदर्शन करने का अधिकार तो है लेकिन सरकार अपने हिसाब से तय किया है की आप कहाँ कर सकते है वो भी शांति से आप सोचिए  आप सड़क पर धरना दे रहे है वो भी शांति भंग कर रहे है इस पर भी F I R है और अगर पुलिस ऐसा करने लगे तो क्या हाल होगा | और बहुत से ऐसे उदहारण है |

   मैं एक बात दावे के साथ कह सकता हूँ की ये सरकारी तंत्र का दुरूपयोग करते हुए ये एक प्रकार का अत्याचार है  

      आवाज उठाना गलत नहीं है , हाँ मनीष कश्यप का स्टाइल भले अलग हो सकता है क्योंकि वो कभी वो अन्य मिडिया की तरह घुमा फिरा के बात नहीं करते बल्कि वो डायरेक्ट सवाल पूछते है और यही चीज होना भी चाहिए |

आपको पता होना चाहिए की स्टूडेंट के आवाज उठाने पर खान सर , गुरु रहमान सर , उन तमाम कोचिंग संचालको पर भी F I R  हुआ था ? इससे पहले भी बहुत लोगो को पर हुआ |  उनकी गलती क्या थी ? आज हम उन सभी चीजों को भूल गए है इसका ये मतलब नहीं की उन पर से F I R  ख़त्म हो गया है इसी तरीके से आवाज उठाने वाले को कुचला जाता है ? 

  दोस्तों कब तक ऐसा चलता रहेगा हमलोग कब बदलेंगे ,

 हम कब जागरूक होंगे ? इसके लिए किसी न किसी को आगे आना ही होगा ,और उसमे हम सब का समर्थन करना ही होगा ? 

अन्यथा ऐसा ही चलता रहेगा ? और हम सोचेंगे की हमें क्या मतलब है ? 

अगर गाँधी जी सोचें होते की हमें क्या मतलब है ? तो आज देश आज़ाद नहीं रहता ? 
आज सरकारी सिस्टम इतना गन्दा हो गया है की आप सच के लिए सरकार से  लड़ नहीं सकते ? 
इसका कारण है की हम और  आप मिलकर आवाज नहीं उठाते है ? हम अलग अलग होकर आवाज उठाते है , आप किसी भी पार्टी , नेता , का समर्थक हो सकते है लेकिन इससे पहले अपने राज्य अपने देश का समर्थक बनिए  अपने हक़ की आवाज बनिए | आप उस चीज का मांग कीजिए जो जायज है |
    आज बिहार में रोजगार नहीं है लोग अधिक संख्या में बाहर जाते है क्यों  , क्यों उधोगपति यहाँ नहीं आना चाहते है , क्या यहाँ सस्ते मजदुर नहीं मिलते क्या ? इसका जबाव होगा यहाँ की सरकारी तंत्र | यहाँ का नेता जो अपने फायदे के लिए माहौल को बिगाड़ कर रखा है और हम उसकी वाहवही करने में लगे है  जो उस प्रकार का माहौल नहीं बनने दे रहा है | उन्हें सुरक्षा का डर है जिसके कारण उधोगपति यहाँ नहीं आते है | 

दोस्तों लिखने के लिए तो बहुत कुछ है मै कितना लिखूं अगर आप अपने आप का आवाज आप खुद नहीं बनेंगे तो निश्चित ही कोई परिवर्तन नहीं होगा |

             अगर कोई आवाज उठाता भी है  तो हमलोग ये सोचते है की वो किस धर्म के है , किस जाति के है , उसी हिसाब से तय करते है जिसके कारण उसकी आवाजों को सरकारी तंत्र के द्वारा कुचल दिया जाता है ? और आपको कुछ नहीं मिलता | 

     बाकि आपकी राय क्या है आप जरूर कमेंट में लिखें ? 

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